कौशल से समृद्धि
कौशल से समृद्धि
करुण दिव्यम ट्रस्ट का आत्मानुभव संकल्प — युवाओं और महिलाओं को हुनरमंद बनाकर आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर करना
•अभियान की प्रस्तावना एवं मूल परिकल्पना
बेरोजगारी और अवसरों की कमी किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति में एक बड़ी बाधा होती है। केवल किताबी शिक्षा से परे जब तक युवाओं और महिलाओं के हाथों में व्यावहारिक हुनर (Skills) नहीं आता, तब तक पूर्ण आर्थिक समृद्धि की कल्पना नहीं की जा सकती।
करुण दिव्यम ट्रस्ट का 'कौशल से समृद्धि अभियान' इसी सोच पर आधारित है कि हर योग्य हाथ को काम और हुनर मिलना चाहिए। हमारा उद्देश्य समाज के बेरोजगार युवाओं, युवतियों और महिलाओं को आधुनिक समय की मांग के अनुसार प्रशिक्षित करना है, ताकि वे न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बन सकें, बल्कि अपने पूरे परिवार का आर्थिक संबल बन सकें।
•इस अभियान के मुख्य उद्देश्य एवं कार्यक्षेत्र
•व्यासायिक प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना: ग्रामीण और पिछड़े शहरी क्षेत्रों में आधुनिक उपकरणों से युक्त प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करना, जहां विभिन्न ट्रेडों में व्यावहारिक शिक्षा दी जा सके।
•युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगारपरक कोर्स: सिलाई-कढ़ाई, कंप्यूटर शिक्षा, बाइल/इलेक्ट्रॉनिक रिपेयरिंग, ब्यूटी वेलनेस, हस्तशिल्प, और लघु उद्योग से जुड़े विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रम संचालित करना।
•स्वरोजगार और स्टार्टअप मार्गदर्शन : प्रशिक्षण पूरा होने के बाद युवाओं को खुद का छोटा व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय प्रबंधन, स्टार्टअप मार्गदर्शन, और हुनर के अनुसार जरूरी शुरुआती उपकरण व किट प्रदान करना।
•नौकरी और प्लेसमेंट सहयता : प्रशिक्षित युवाओं को स्थानीय उद्योगों, कंपनियों और संस्थानों में रोजगार के अवसर दिलाने के लिए जॉब फेयर (रोजगार मेले) आयोजित करना और उनका मार्गदर्शन करना।
• भविष्य का दृष्टिकोण
'कौशल से समृद्धि अभियान' के माध्यम से करुण दिव्यम ट्रस्ट का दीर्घकालिक लक्ष्य देश के कोने-कोने में हुनर की ऐसी अलख जगाना है जहाँ कोई भी युवा आर्थिक तंगी या बेरोजगारी के कारण निराश न हो।