तिनका का सहारा
तिनका का सहारा
करुण दिव्यम ट्रस्ट का संकटमोचक संकल्प — हर विपदा और आपदा के समय पीड़ित मानवता को संबल और पुनरुद्धार प्रदान करना
•अभियान की प्रस्तावना एवं मूल भावना
प्रकृति की विभीषिका (बाढ़, सूखा, भूकंप, महामारियां) या अचानक आने वाले बड़े संकट किसी भी व्यक्ति के हंसते-खेलते जीवन को पलभर में उजाड़ सकते हैं। ऐसे समय में जब सब कुछ छिन जाता है, तब एक छोटा सा सहयोग भी किसी डूबते को तिनके के सहारे जैसा प्रतीत होता है।
करुण दिव्यम ट्रस्ट का 'तिनका का सहारा अभियान' इसी मानवीय भावना पर आधारित है। हमारा विश्वास है कि संकट की घड़ी में जब पीड़ित व्यक्ति अकेला महसूस करता है, तब ट्रस्ट की ओर से पहुँचाया गया हर एक कदम और हर एक संसाधन उसे इस कठिन दौर से उबारकर फिर से खड़े होने की ताकत देता है।
•इस अभियान के मुख्य उद्देश्य एवं कार्यक्षेत्र
•प्राकृतिक आपदाओं और संकट के समय त्वरित राहत : देश के किसी भी हिस्से में बाढ़, चक्रवात, सूखा, भीषण ठंड, या भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के आने पर तुरंत राहत दल भेजना और प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाना।
•खाद्य सामग्री और जीवन-रक्षक वस्तुओं का वितरण: बेघर हुए या आपदा से घिरे परिवारों के लिए सूखे राशन, शुद्ध पेयजल, रसोई सामग्री, बच्चों के लिए दूध, और तात्कालिक भोजन के पैकेटों का बड़े पैमाने पर वितरण करना।
•वस्त्र, कंबल और मौसमी राहत सामग्रियां: कड़ाके की ठंड में ठिठुरते बेसहारा लोगों और आपदा पीड़ितों के लिए गर्म कपड़े, कंबल, तिरपाल, और तंबू (Tents) की व्यवस्था करना ताकि उन्हें मौसम की मार से बचाया जा सके।
•चिकित्सकीय सहायता और आपातकालीन दवाइयां: संकट के समय फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए आपातकालीन मेडिकल कैंप लगाना, जीवन-रक्षक दवाइयां, ओआरएस, और फर्स्ट-एड्स किट मुफ्त उपलब्ध कराना।
•आकस्मिक संकटऔर व्यक्तिगत सहायता: केवल बड़ी प्राकृतिक आपदाओं ही नहीं, बल्कि दैनिक जीवन में आने वाले अचानक बड़े वित्तीय या चिकित्सीय संकटों से जूझ रहे अत्यंत गरीब व्यक्तियों को तिनके के सहारे की तर्ज पर आर्थिक या भौतिक मदद प्रदान करना।
•भविष्य का दृष्टिकोण (Future Vision)
तिनका का सहारा अभियान के माध्यम से करुण दिव्यम ट्रस्ट का उद्देश्य एक ऐसा मजबूत आपातकालीन रिस्पांस नेटवर्क तैयार करना है, जो देश में कहीं भी आपदा आने पर पलक झपकते ही पीड़ितों तक सहायता पहुँचा सके।